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Ganesh Chaturthi | गणेश चतुर्थी विशेष

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर करें इस प्रकार पूजा बरसेगा धन

इस बार गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) 22 अगस्त 2020 को रवियोग में मनाई जाएगी। रवि योग गणेश चतुर्थी से पूर्व संध्या से ही प्रारम्भ होकर 22 अगस्त की सन्ध्या में समाप्त होगा।

गणेश जी की पूजा का समय

Ganesh Chaturthi worship time

मध्यान्ह काल सुबह 11:12 से 01:46 बजे तक रहेगा। इसी के साथ वृश्चिक लग्न दोपहर 12:31 से 1:46 तक।
शुभ का चौघड़िया सुबह 7:41 से 9:14
तथा चर लाभ अमृत का चौघड़िया 12.29 से 5.17 तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त 12.29 से 12:53 तक रहेगा।

कैसे करें गणेश जी की विशेष पूजा –

गणपति महोत्सव 11 दिन का मनाया जाता है। इसमें गणेश चतुर्थी के दिन या उससे एक दिन पहले गणपति जी का विग्रह बाजार से लाया जाता है। और उसे अनन्त चतुर्दशी तक घर प्रतिष्ठान में विराजमान किया जाता है। साथ ही इन दिनों में भगवान नित्य नए भोग लगाया जाता है।
इन दिनों विशेष रूप से सहस्रार्चन किया जाता है। अखण्ड दीपक जलाया जाता है । दोनो समय आरती ओर भोग की व्यवस्था होती है।
इस समय भक्त लोग अनेक प्रकार के  विग्रह बाजार से खरीदते है – जैसे नृत्य करते गणेश। मोदक का भोग लगाते गणेश जी। ऋद्धि सिद्धि सहित गणेश या अन्य जैसा मन को पसंद हो  वैसे लाते है ।
गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी की तांबे चांदी सोने पाषाण ओर मिट्टी से निर्मित गणेश जी की प्रतिमा का पूजन किया जाता है। इस दिन गणेश जी को सहस्रार्चन करने से सिद्धि धन और व्यापार में वृद्धि होती है।

किस प्रकार करें सहस्रार्चन –

प्रथम पूज्य गणेश जी का पंडित जी द्वारा षोडशोपचार पूजन के बाद सहस्रार्चन करना चाहिए।
सहस्रार्चन की वस्तुएं ओर उनका लाभ –
ज्योतिषाचार्य नीलमणि शास्त्री जी बताते है कि लंबोदर को दूर्वा से सहस्रार्चन करना चाहिए। भगवान को दूर्वा अत्यधिक प्रिय है। दूर्वा से अर्चन करने रोग से शांति मिलती है।
मूंग  साबुत मुंग से सहस्रार्चन करने से व्यापार में वृद्धि होती है।
धनिया से सहस्रार्चन करने से भगवान कुबेर प्रसन्न होते है। और उनकी कृपा प्रसाद प्राप्त होती है।
वैसे हल्दी, मोदक, गुड़, कमलगट्टा, घी, सिंदूर, मेहंदी, काजू, बादाम, किशमिश आदि से भी सहस्रार्चन किया जा सकता है।
 गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी भी कहते है। इस दिन चन्द्र दर्शन निषेध बताया है। अगर इस दिन चन्द्र दर्शन कर लिया हो तो वर्ष में कलंकित होना पड़ता है, अगर गलती से दर्शन हों जाये तो श्रीमद्भागवत के दशमस्कंध के उतर्रार्ध का पाठ करना या सुनना चाहिए। 

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 ज्योतिषीय दृष्टि ओर राशि पर असर 

इस दिन सूर्य और मंगल का परस्पर पंचम नवम दृष्टि सम्बन्ध होगा एवं सूर्य शनि का षडाष्टक योग रहेगा। इससे राजनीतिक उथल पुथल व देश को आर्थिक हानि भी रहेगी।
वर्षा की अधिकता रहेगी।

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इस समय का गोचर 

वृष कन्या मकर मीन राशि के लिए हानि।
मिथुन तुला वृश्चिक कुम्भ के लिए लाभदायक।
मेष कर्क सिंह धनु राशि के लिए मध्यम रहेगा।
जिनका विवाह में बाधा या सन्तान व्यापार में परेशानी हो उसे  गणेश चतुर्थी पर विशेष उपाय करने चाहिए।
विशेष उपायों के लिए पंडित जी से सम्पर्क करें-
 
 Astrologer Pt. Neelmani Shastri- 7891-1008-11

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