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बथुआ – एक परिचय
Bathua (White Goosefoot Vegetable) – An Introduction

बथुआ (Bathua Vegetable) सभी सब्जी मंडी बाजार में आसानी से मिलने वाली सब्जी है, बशर्ते इसका मौसम होना चाहिए। सर्दियों के मौसम में एक से एक बढ़िया हरी सब्जियां बाजार में उपलब्ध होती है। जैसे सरसों के पत्ते, चने की भाजी या पत्ते, पालक, मेथी की भाजी, गजरा (गाजर के पत्ते), मूली के हरे पत्ते, बथुआ आदि। इन सभी सब्जी भाजियों की एक खास बात है कि इनको अनेकों तरीकों से बनाया जा सकता है और ये सब स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही लाभकारी होते हैं। इनका प्रयोग रसोई में खाने के लिए आलन की सब्जी बनाने में, रायता बनाने, पराठें बनाने, भाजी बनाने आदि रेसिपी में काम में लिया जाता है। सर्दियों के मौसम में बथुआ का सेवन स्वास्थ्य के अत्यंत लाभकारी साबित होता है।

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आयुर्वेद में बथुआ को एक फायदेमंद औषधि माना गया है। बथुआ के नियमित सेवन करने से कई रोगों का इलाज कर सकते हैं। हरे रंग के इस पौधे के सेवन से अपने जीवन स्वास्थ्य में भी हरियाली प्राप्त कर सकते हैं।

बथुआ क्या है?
What is Bathua in Hindi?

बथुआ बहुत ही महत्त्वपूर्ण तथा स्वास्थ्यवर्धक शाक पत्ता (Bathua vegetable) है। यह पौधा सरसों, चना, गेहूं, जौ, पालक, गाजर, मूली आदि किसी भी फसल के साथ उग आता है। अधिकांशतः देखा जाता है कि बथुआ को उगाया नहीं जाता है, यह किसी दूसरी फसल के साथ ही उग आता है। इसके पत्ते लगभग एक से डेढ़ इंच बड़े गहरे हरे रंग के होते है। बथुआ के पौधे में आने वाले पत्ते एकदम कोमल होते है, जो खाने में स्वादिष्ट लगते हैं। इसके अलावा इसका पौधा आकार में एक से दो फीट लंबा होता है। इसमें गुच्छे में बीज आते हैं। जो सूखने के बाद जमीन पर गिर जाते है और सर्दियों में पुनः उग आते हैं। बथुए में कई प्रकार के लवण एवं क्षार पाए जाते हैं।

अन्य भाषाओं में बथुआ के नाम
Bathua Called in Different Languages

बथुआ का वानस्पतिक नाम Chenopodium album Linn.
यह पौधा कीनोपोडिएसी (Chenopodiaceae) कुल का है।
बथुआ को मुख्य रूप से बथुआ या वास्तूक के नाम से जाना जाता है किंतु अलग अलग स्थानों पर इसे अलग अलग नामों से जाना जाता है।

Bathua in Hindi –

चिल्लीशाक, बथुआ साग, बथुया, बथुआ

बथुआ के अंग्रेजी भाषा में नाम –

व्हाइट गूसफुट (White Goosefoot), आलगुड (Allgood), वाइल्ड स्पिनिच (Wild spinach), वाइल्ड गूज फुट (Wild goose foot), लैम्ब्स क्वार्टर (Lamb’s Quarters), बेकॉन वीड (Bacon weed), फ्रोंस्ट-बाइट (Frost-bite)

संस्कृत में बथुआ के नाम –

वास्तूक , क्षारपत्र, चक्रवर्ति, चिल्लिका, क्षारदला, शाकराट्, यवशाक।

इसके अलावा उड़ीसा में बथुआ (Bathua), कन्नड़ में विलिय चिल्लीके, चक्रवत्ति, गुजरात में टांको (Tanko), बथर्वो (Batharvo), तमिल में परुपकिराई,
तेलुगु में पप्पुकुरा, बंगाल में बेतुया, चंदन बेथू, नेपाल में बथु, पंजाब में बाथु, लुनाक, मराठी में चाकवत, चकवत आदि नामों से जाना जाता है।

बथुआ कहां उगाया जाता है?
Where is Bathua Plant Found or Grown?

सर्दियों के मौसम में पाई जाने वाला हरे रंग के पत्ते वाला बथुआ एक सब्जी है। यह आसानी से हर सब्जी मार्केट में मिल जाती है। बथुआ की खेती पूरे भारत में की जाती है। यह एशिया के अलावा यह अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया आदि देशों प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

बथुआ में पाए जाने वालें तत्व

इसमें विटामिन ए, कैल्शियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम की मात्रा पाई जाती है। यह अनेकों रोगों को दूर करता है।

बथुआ के उपयोगी भाग
Useful Parts of Bathua

बीज
पत्ते
पौधे के तने
जड़

बथुआ के फायदे
Health Benefits of Bathua in Hindi

वैसे बथुआ खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है, किंतु इसके अलावा इसके क्या क्या फायदे होते हैं। ये सब जानते है –

रक्त पित्त या नकसीर में बथुआ के फायदे –
Benefits of Bathua Seeds to Stop Bleeding in Hindi

नाक-कान आदि अंगों से खून आने पर बथुआ के 2 ग्राम बीजों का बारीक चूर्ण बनाकर शहद के साथ सेवन करने से रक्तपित्त में आराम मिलता है।

दांतों के दर्द में बथुआ के फायदे
Bathua Benefits to Cure Dental Pain in Hindi

दांत में दर्द के लिए बथुआ के बीज का चूर्ण बनाकर दंत मंजन करने से दांत का दर्द ठीक होता है और मसूड़ों की सूजन में भी लाभ मिलता है।

रक्त शोधन में बथुआ का प्रयोग
Use of Bathua in Blood Purification in Hindi

बथुआ के पत्तों के साथ नीम की 4-5 पत्तियों के रस का सेवन किया जाए तो यह रक्त शुद्ध करता है और रक्त संचार को ठीक करता है।

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खांसी में बथुआ के फायदे
Health Benefits of Bathua in Cough in Hindi

बथुआ के पत्तों से बनी सब्जी खांसी में आराम दिलाती है। इसलिए बथुआ की सब्जी खांसी के मरीज को खानी चाहिए।

पेट में कीड़ों के लिए बथुआ के प्रयोग
Bathua Plant Benefits for Abdominal Bugs in Hindi

2 चम्मच बथुआ के पत्तों के रस में नमक मिलाकर सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म होते हैं।
बथुआ के पत्ते में केरिडोल होने के कारण यह आंतों के कीड़े एवं केंचुए को भी खत्म करता है।

फेफड़ों के रोग में बथुआ के फायदे
Benefits of Bathua Leaves in Fighting with Constipation in Hindi

लीवर संबंधी रोगों में बथुआ के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से लाभ मिलता है साथ ही इससे बवासीर, तिल्ली विकार और कब्ज आदि रोगों में भी लाभ मिलता है।

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मूत्र रोग में बथुआ के फायदे
Health Benefits of Bathua Saag for Urinary Disease in Hindi

5 ग्राम बथुआ के पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर सेवन करने से मूत्र संबंधी रोगों में फायदा होता है। इसका नियमित सेवन करने से पेशाब संबंधी रोग जल्द ही ठीक हो जाते हैं।
500 ग्राम बथुआ साग को एक लीटर पानी में डालकर उबाल लें। उबले हुए पानी को छान लें। इसमें स्वाद के लिए सेंधा नमक, जीरा, नींबू, काली मिर्च या मिश्री, जो भी अच्छा लगे मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करें। मूत्र संबंधी रोग जैसे जलन, रुक रुक कर आना, पेट की गैस, अपच, दस्त आदि में आराम दिलाता है।

मासिक धर्म के लिए बथुआ के प्रयोग
Uses of Bathua for Menstruation in Hindi

यदि किसी स्त्री का मासिक धर्म रुका हुआ हो तो बथुआ के सेवन से यह नियमित होता है। बथुआ के 2 चम्मच बीज को एक गिलास पानी में डालकर उबाल लें। पानी आधा रहने पर छान कर पी लें। इससे मासिक धर्म खुलकर आता है।

ल्यूकोरिया रोग में बथुआ के फायदे
Benefits of Bathua in Leucorrhoea in Hindi

1-2 ग्राम बथुआ की जड़ को जल या दूध में उबालकर तीन दिन तक पीने से ल्यूकोरिया रोग में लाभ होता है।

पेचिश रोग में बथुआ के फायदे
Health Benefits of Bathua Leaves in Dysentery in Hindi

बथुआ के पत्तों की भाजी में घी मिलाकर सेवन करने से पेचिश रोग में लाभ मिलता है।

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खूनी बवासीर में बथुआ के फायदे
Bathua Plant Health Benefits for Piles in Hindi

बथुआ के पत्ते के रस को बकरी के दूध के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

गठिया रोग में बथुआ के फायदे
Bathua Leaves Benefits for Arthritis in Hindi

जोड़ों के दर्द में बथुआ का सेवन करना लाभकारी होता है।
बथुआ के पत्ते एवं तना का काढ़ा बनाकर जोड़ों के दर्द वाले स्थान पर लगाने से लाभ मिलता है।

आग की जलन को ठीक करता है बथुआ
Bathua Leaves Benefits in Fire Burning in Hindi

बथुआ के पत्ते के रस को आग के जले हुए स्थान पर लगाने से जल्द आराम मिलता है।

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बथुआ
Bathua Health Benefits to Boost Body Immunity in Hindi

बथुआ के सब्जी में सेंधा नमक मिलाकर, छाछ के साथ सेवन करने से बीमारियों से लड़ने की शक्ति (रोग प्रतिरक्षा शक्ति) मजबूत होती है।

पेट के कीड़ों के लिए बथुआ
Bathua for Stomach Worms in Hindi

अगर पेट में कीड़े हो गए है तो बथुआ के बीज पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से पेट कृमि खत्म हो जाते हैं।

पथरी में बथुआ के फायदे
Benefits of Bathua in Stone in Hindi

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कच्चे बथुआ के पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर सेवन करने से पथरी टूटकर बाहर आ जाती है। पथरी रोग में बथुआ लाभकारी औषधि है।

जूएंऔर लीख होने पर बथुआ के फायदे
Benefits of Bathua in case of lice in Hindi

अगर किसी के बालों में जूएं और लीख हो गई हैं तो बथुआ के उबले हुए पानी से बाल धोने चाहिए। ऐसा नियमित करने से लीख और जूएं मर जाती है।

शुक्रवर्धक बथुआ के प्रयोग
Uses of Energizing Bathua in Hindi

बथुआ शुक्राणु वृद्धि में सहायक होता है। बथुआ का किसी भी प्रकार से सेवन अवश्य करना चाहिए। यह शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि करता है। दही में रायता बनाकर, कच्चे पत्ते सेंधा नमक के साथ मिलाकर खाने आदि प्रयोग से शुक्र वृद्धि होती है।

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