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Indian gooseberry Benefits – आंवला एक, फायदे अनेक

Table of Contents

आँवला का परिचय
Introduction to Emblica in Hindi

आंवला (Phyllanthus Emblica Benefits in Hindi) एक अनमोल गुणों से भरपूर पेड़ है। आयुर्वेद में आंवला (Emblica Officinalis Benefits in Hindi) एक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। आंवले (Indian Gooseberry Benefits in Hind) में खनिज, एंटी – ऑक्सिडेंट, विटामिन – सी, विटामिन – ए बी, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, कार्बो हायड्रेड व अन्य पोषक तत्व होते है जो हमारे शरीर को पूरी तरह स्वस्थ व सुंदर रखते है।
आंवले का सेवन बुढ़ापे को आने से रोकता है, आयु में वृद्धि करता है, त्वचा को स्वस्थ रखता है, काले व घने बाल बनाए रखता है, बालों को झड़ने से रोकता है,शरीर में आयरन की कमी को पूरा करके हीमोग्लोबिन बढ़ाता है और रक्त कोशकाओं में वृद्धि करता है। इसका सेवन हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। आंवले में फाइबर होने के कारण यह शरीर के अशुद्घ तत्वों को व अतिरिक्त जमी वसा को बाहर निकाल देता है।
आंवला पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है।
इस प्रकार से आंवला पूरी तरह मनुष्य के शरीर को स्वस्थ बनाता है और दीर्घायु प्रदान करता है।
Emblica
Emblica (Amla)

आध्यात्मिक दृष्टिकोण

जहां आयुर्वेद में आंवले को औषधि के रूप में माना गया है वहीं दूसरी ओर हिन्दू धर्म के अनुसार आंवला एक पूज्यनीय वृक्ष है और शस्त्रों के अनुसार आंवले को भगवान श्री विष्णु का अश्रु माना गया है।
इस कारण से आंवले के पेड़ व फल दोनों को पूजा की जाता है।
औषधि के रूप में आंवले के वृक्ष के फल का सेवन सर्वाधिक किया जाता है, इसके अतिरिक्त आंवले की पत्तियों, जड़, तना व बीज का भी आयुर्वेद में औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। आंवला त्रिदोष यानि वात, कफ, पित्त आदि में लाभदायक है और यह धातुवर्धक भी है। इसके अलावा आंवला मधुमेह, कुष्ठ, पीलिया, गठिया, जॉन्डिस, एनीमिया, बवासीर जैसे रोगों में भी लाभकारी है।
आंवले का प्रयोग रस, चूर्ण, गोली, अचार व मुरब्बा के रूप में किया जाता है।
आंवला को आमलकी, आमला, अमृतफल,धत्री आदि कई नामों से जाना जाता है।

आंवले के फायदे –
Emblica (Amla) Health Benefits in Hindi

वैसे तो आंवले (Phyllanthus Emblica Benefits) के अनगिनत फायदे है।
यदि आंवले का किसी भी रूप में सेवन करेंगे तो उसका शारीरिक स्वास्थ्य को लाभ ही मिलेगा।
तो जानें आंवले से होने वाले फायदों के बारे में –

बालों की सेहत के लिए आंवला –
Indian Gooseberry Benefits for Hair in Hindi

बाल मनुष्य के शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है। बालों से मनुष्य की सुंदरता को आंका जाता है। मनुष्य की खूबसूरती में बालों का विशेष योगदान है। हर कोई चाहता है कि उसके बाल लंबे, घने, काले व मजबूत हो, किन्तु बालों का झड़ना आजकल आम समस्या है। बालों को झड़ने व सफेद होने से रोकने के लिए आंवले का सेवन अवश्य करना चाहिए।
आंवले को उपयोग करने की कुछ विधि इस प्रकार है –
Benefits of Indian gooseberry in Hindi
  • आंवला, रीठा, शिकाकाई के चूर्ण को पानी में मिलाकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े या पेस्ट को बालों में लगा लें। सूखने के बाद बालों को साफ पानी से धो लें और इसके बाद बालों के सूखने पर नारियल तेल लगा सकते हैं।
  • जिससे बाल मजबूत, काले व घने होते है।
  • बाल काले करने के लिए गुड़हल के फूल में आंवला चूर्ण (Emblica officinalis Benefits in hindi) व लौह भस्म मिलाकर इसे पीस के नहाने से पहले बालों पर लगा लें।
  • थोड़ी देर बाद सूखने पर बालों को धो लेना चाहिए।
  • एक चम्मच बहेड़ा चूर्ण, 3 चम्मच आंवला चूर्ण, 5 चम्मच आम की गुठली का चूर्ण व एक चम्मच लौह भस्म को रात भर के लिए एक लोहे के बर्तन में भिगो कर रख दें, सुबह इस घोल को अपने बालों पर लगा लें।
  • इस मिश्रण से कम उम्र में सफेद होने वाले बाल जल्द ही काले बालों में बदलने लगते है। इस लेप को रोज बालों में लगाने से परिणाम शीघ्र प्राप्त होते है।
  • आंवले के रस (Phyllanthus Emblica Benefits) में तिल का तेल या नारियल का तेल लगाने से और रस पीने से बाल मजबूत बनते है और बाल झड़ना कम हो जाता है। यह बालों को काला बनाने में, रूसी मिटाने में, डेंड्रफ मिटाने में सहायता करता है और बालों को घने व लंबे बनाता है।

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उल्टी रोकने में आंवला –
Emblica Officinalis to Prevent Vomiting in Hindi

आंवले के रस में शक्कर या मिश्री मिलाकर पीने से उल्टियां बन्द हो जाती है।
इसके अलावा आंवला चूर्ण को पानी में मिलाकर पीने से भी उल्टियों में आराम मिलता है।
इसके सेवन से हिचकी में भी आराम मिलता है।

पाचन शक्ति बढ़ाने में आंवले का प्रयोग –
Use of Phyllanthus Emblica to Increase Digestion Power in Hindi

  • आंवले की केंडी का सेवन करने से भूख बढ़ती है और यह पाचन शक्ति में भी लाभदायक होती है।
  • आंवले को सुखाकर उसमे सेंधा नमक मिलाकर खाने से पाचन क्रिया मजबूत होती है और यह भूख बढ़ाती है।
  • काली मिर्च, सौंठ या अदरक, सेंधा नमक, हींग व तवे पर सेका हुआ जीरा आदि को सुखाकर खाने से कब्ज व पाचन जैसे रोगों में लाभ देता है।

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दस्त होने पर आंवला फायदेमंद –
Indian Gooseberry is Beneficial in the Condition of Diarrhea in Hindi

एक गिलास छाछ के साथ आंवले के पेड़ के नरम नरम पत्तों को पीसकर सेवन करने से दस्त में आराम मिलता है।

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नेत्र रोग में आंवले के फायदे –
Benefits of Indian Gooseberry in Eye Disease in Hindi

ताजे आंवले के रस की बूंदे आंखों में डालने से आंखों के दर्द में आराम मिलता है।

एसिडिटी में आंवला के फायदे –
Benefits of Amla in Acidity in Hindi

एसिडिटी में आंवला बहुत लाभकारी होता है।
आंवले के बीज को रात में भिगो कर रख दे और सुबह उन बीजों को दूध में पीस कर गाय के मिश्री मिले दूध के साथ सेवन करने से एसिडिटी में लाभ मिलता है।

कब्ज से राहत दिलाए आंवला –
To Relieve Constipation- Indian Gooseberry Amla in Hindi

कब्ज में आंवला का उपयोग करने के लिए त्रिफला चूर्ण का सेवन करना चाहिए।
त्रिफला चूर्ण में आंवला, बहेड़ाहरड़ का मिश्रण होता है।
5 ग्राम त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से कब्ज में फायदा होता है।

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बवासीर में आंवले के फायदे –
Benefits of Indian Gooseberry in Piles in Hindi

बवासीर होने का मुख्य कारण तेज मसाले वाला खाना होता है। मसालेदार खाना खाने से पेट खराब होता है जिससे बवासीर जैसी बीमारी हो जाती है।
बवासीर में लाभ लेने के लिए आंवले के प्रयोग करना हितकर होता है।
आंवला चूर्ण का दही के साथ सेवन करने से बवासीर में लाभ मिलता है। आंवले का रस भी बवासीर में लाभदायक है।

पीलिया, फेफड़े में आंवले के फायदे –
Benefits of Emblica officinalis in Jaundice, Lung in Hindi

पीलिया बच्चों में होने वाली एक भयानक बीमारी है। इससे बच्चों का शरीर पीला पड़ जाता है और समय गुजरने के साथ ही यह बीमारी घातक होती जाती है।
  • पीलिया लाभ के लिए ताजा आंवले को कूट कर बारीक कर लें और इसमें शहद मिलाकर सेवन करे।
  • इससे पीलिया एवं फेफड़े रोग में आराम मिलता है।

स्वपन दोष व  धातुरोग में आंवला के फायदे –
Indian Gooseberry in Swapn Dosha and Metallurgy in Hindi

स्वपन दोष व शुक्राणुओं की कमी व धातुरोग जैसी बीमारी युवा पीढ़ी में आम समस्या है।
इसकी कमी को पूरा करने के लिए आंवले को काटकर उसे सुखा ले और गुठली को फेंक दे।
आंवला सूख जाने पर इसका चूर्ण बना ले और एक चम्मच चूर्ण में दो चम्मच मिश्री पाउडर मिला कर ताजा पानी के साथ सेवन करें।
इसके सेवन से स्वपन दोष, धातु रोग में लाभकारी होता है।

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घुटने व जोड़ों के दर्द में आंवले के फायदे –
Benefits of Gooseberry in Knee and Joint Pain in Hindi

घुटने व जोड़ों का दर्द उम्र के अनुसार होता है। जैसे जैसे उम्र बढ़ती जाती है, जोड़ो व घुटनों का दर्द भी बढ़ता जाता है।
बुजुर्गो में यह बीमारी सर्वाधिक होती है। खाने में नमक का अधिक सेवन करने से जोड़ों का दर्द व घुटनों का दर्द जैसी खतरनाक बीमारी होती है।
इस बीमारी में राहत पाने के लिए निम्न विधि का प्रयोग करें-
  • 25 ग्राम सूखे आंवले में 25 ग्राम देशी गुड़ को 2 गिलास पानी में डाल दें। जब पानी आधा रह जाए या एक गिलास पानी बच जाए तो उसे छान कर पी लें। इसका सेवन करने से घुटनों के दर्द व जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है।
  • इसका सेवन करते समय नमक का प्रयोग नहीं करें।

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कुष्ठ रोग या कोढ़ की बीमारी में आंवले के फायदे –
Indian Gooseberry Benefits in Leprosy Disease in Hindi

नीम के पत्तों व आंवला को सुखाकर उसे बारीक पीस लें। इन दोनों की समान मात्रा उपयोग में लें। इस चूर्ण का 5 ग्राम  हिस्सा शहद के साथ सेवन करने से कुष्ठ रोग या कोढ़ की बीमारी में लाभ देती है।

दांतों व मसूड़ों में लाभदायक आंवला –
Emblica Officinalis, Beneficial in Teeth and Gums in Hindi

आंवले के पत्तों को चबाकर खाने से दांत मजबूत होते है और आंवला फल खाने से मसूड़े के दर्द में लाभ होता है। आंवला मुख रोग के लिए बहुत लाभकारी है।

हृदय रोग में आंवले के फायदे –
Benefits of Indian Gooseberry in Heart Disease in Hindi

आंवला हृदय के लिए फायदमंद होता है। आंवले के रस, ताजा आंवला फल व चूर्ण आदि का किसी भी रूप में सेवन करना हृदय के लिए लाभकारी है।

आंवले के अन्य फायदे एवं उपयोग –
Other Benefits and Uses of Phyllanthus Emblica in Hindi

आंवला एक ऐसी वस्तु है जिसका किसी भी रूप में सेवन किया जा सकता है।
औषधीय गुणों के बाद अन्य भी इसके उपयोग होते है। जैसे आंवले को सब्जी के रूप में भी कहा सकते है।
इसका सेवन अचार, मुरब्बा, कच्चा, सुखा, केंडी आदि के रूप में प्रतिदिन कर सकते है।

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