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Withania somnifera Benefits – अश्वगंधा के फायदे

Table of Contents

अश्वगंधा का परिचय
Introduction to Ashwagandha

अश्वगंधा (Withania Somnifera Benefits) एक आयुर्वेदिक औषधि है, इसे असगंध (ashvagandha ke fayde) व विंटर चेरी (Benefits of winter cherry) के नाम से भी जाना जाता है। आयुर्वेद में अश्वगंधा के अनेकों फायदे है। यह एक बल बर्धक औषधि (Sexual Power Medicine) के रूप में प्रयोग की जाती है।
 
अश्वगंधा दो शब्दो से मिलकर बना है। पहला “अश्व” यानि घोड़ा तथा दूसरा “गंध” बदबू (Smell) अर्थात् अश्वगंधा की जड़ व पत्तों से घोड़े के मल मूत्र जैसी बदबू आती है। यह औषधि बल वर्धक(Immunity booster ashwagandha), सेक्स पावर या सम्भोग क्षमता में वृद्धि करने में (Ashwagandha benefits in sexual power), वीर्य वृद्धि में व वीर्य को गाढ़ा करने (Increase spurm count by asgandh) आदि अनेक बीमारियों में प्रयोग की जाती है।
 
यह दो तरह की होती है, छोटी अश्वगंधा और बड़ी अश्वगंधा (Ashvagandha ke fayde)। छोटी अश्वगंधा मुख्य रूप से शुष्क प्रदेशों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश आदि में पाई जाती है। राजस्थान में नागौर में सर्वाधिक मात्रा में अश्वगंधा पाई जाती है इसे नागौरी अश्वगंधा (Nagori ashwagandha) के नाम से जाना जाता है। यह झड़ीनुमा पौधा होता है जिसकी ऊंचाई लगभग 40 से 60 से.मी. होती है। इसकी जड़ें तुलनात्मक रूप से बड़ी होती है, इसके विपरित बड़ी अश्वगंधा की जड़ें छोटी होती है और पौधा बड़ा होता है। बड़ी अश्वगंधा को देशी असगंध भी बोलते है।
अश्वगंधा के पत्ते, जड़ें, फल व बीज मुख्य रूप से उपयोग में आते है।

अश्वगंधा के फायदे –
Health Benefits of Ashwagandha in Hindi

गठिया दर्द या जोड़ों के दर्द में असगंध के फायदे –
Benefits of Withania Somnifera in Arthritis Pain or Joint Pain in Hindi

  • असगंध के 8-10 पत्तों को एक गिलास पानी में उबाल लें, जब पानी आधा रह जाए तो इसे छान कर पी लें। इस औषधि का सेवन करने से गठिया रोग में आराम मिलता है।
  • अश्वगंधा चूर्ण का सेवन गर्म दूध या घी या मिश्री के साथ सेवन करने से जोड़ों का दर्द व गठिया दर्द ठीक हो जाता है।

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गर्भधारण करने में सहायक अश्वगंधा –
Ashwagandha that Helps in Conceiving or Pregnancy in Hindi

अश्वगंधा एक बहुत ही ताकतवर व चमत्कारिक औषधि है। इसके प्रयोग से गर्भ धारण करने में मदद मिलती है। आजकल महिलाओं में अनियमित खानपान और दिनचर्या की वजह से गर्भधारण करने में दिक्कत होती है।
यह एक आम समस्या है, इस समस्या के समाधान के लिए कुछ विशेष उपचार ये है –
  • गर्भ धारण करने के लिए गाय के शुद्ध घी में असगंध या अश्वगंधा का चूर्ण मिला कर रख ले अथवा प्रतिदिन सेवन करने से पहले मिला लें। इसके बाद माहवारी स्नान के बाद 5 ग्राम मिश्रण प्रतिदिन गाय के मिश्री मिले दूध या पानी के साथ सेवन करने से गर्भधारण करने में मदद मिलती है।
  • एक गिलास गाय के दूध में एक लीटर पानी डाल दें, साथ ही इस मिश्रण में 4 छोटे चम्मच या 25 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण मिला लें और इसे धीमी आंच पर गर्म करने के लिए रख दें। इस मिश्रण को तब तक गर्म होने दें जब तक यह एक गिलास नहीं रह जाए। जब दूध शेष रह जाए तो इस मिश्रण में एक चम्मच मिश्री पाउडर और एक चम्मच गाय का शुद्ध घी मिला लें। माहवारी के शुद्धिकरण स्नान के तीन दिन बाद, तीन दिन तक इसका मिश्रण का सेवन करने से गर्भधारण करने में सहायता मिलती है।

लिंग की शिथिलता में असगंध के फायदे –
Benefits of Inattention in Penis Dysfunction in Hindi

(Withania Somnifera benefits in Penis enlargement in hindi)

आजकल युवा पीढ़ी को गलत आदतों व कुसंगतियों की वजह से हस्त मैथुन जैसी आदतें लग जाती है, जिसकी वजह से लिंग संबंधी विकार उत्पन्न हो जाते है। अश्वगंधा को सेक्स पावर औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है।
लिंग की कमजोरी के अश्वगंधा का सेवन इस प्रकार किया जाना चाहिए –
  • अश्वगंधा, कुठ व दालचीनी को खरल या मिक्सर में कूट कर पीस लें। इस मिश्रण को छान कर गाय के शुद्ध घी या मक्खन में मिला लें। इस पेस्ट को लिंग के अग्र भाग को छोड़कर शेष भाग पर लेप कर लें। थोड़ी देर बाद लिंग को गर्म पानी से धो लें। यह लिंग सम्बन्धी विकार एवं कमजोरी दूर करके मजबूती प्रदान करता है।
  • अश्वगंधा के चूर्ण को कपड़े में छान कर उसमें बराबर मात्रा में शक्कर या मिश्री पाउडर मिलाकर रख लें। एक चम्मच मिश्रण को गाय के शुद्ध दूध के साथ सुबह खाली पेट खाना खाने से 2-3 घंटे पहले सेवन करना चाहिए।
  • इससे शिश्न की नसों की दुर्बलता दूर होती है।

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बालों के लिएअश्वगंधा के फायदे –
Benefits of Ashwagandha for Hair in Hindi

बाल मनुष्य के जीवन में शरीर का अहम हिस्सा होता है। कुछ लोगों के असामयिक बाल सफेद हो जाते है। इसके असगंध बहुत ही लाभकारी है।
एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को पानी या दूध के साथ लेने से बाल सफेद होने से रोकता है।

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नेत्र दृष्टि में बढ़ाने में मदद करता है अश्वगंधा –
Ashwagandha – Helps to Increase eye Sight in Hindi

आंखें किसी भी व्यक्ति के जीवन में बहुत मायने रखती है।
आंखें इस दुनिया में होने वाली घटनाओं को दिखाती है।
जिन लोगों की दृष्टि कम हो गई है उन लोगो के लिए यह रामबाण उपाय है।
 
मुलेठी के साथ आंवला व असगंध दोगुनी मात्रा में लेकर पीस लें और सुबह शाम एक चम्मच मिश्रण पानी के साथ लेने से दृष्टि बाधा दूर होती है और ज्योति बढ़ती है।
 

टी.बी. रोग में अश्वगन्धा के फायदे –
Benefits of Withania Somnifera in Disease in Hindi

खांसी अगर 21 दिन से पुरानी हो तो वह टी.बी. का रूप ले सकती है।
टी.बी. जैसे रोगों से बचने के लिए अश्वगंधा के काढ़े में अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर सेवन करना चाहिए।
 

सीने के दर्द में अश्वगंधा के प्रयोग –
Use of Withania Somnifera in Chest Pain in Hindi

यदि किसी व्यक्ति को सीने में दर्द होता है तो असगंध की जड़ के चूर्ण का पानी के साथ सेवन करें।

पेट के कीड़े मारने के लिए फायदेमंद अश्वगंधा –
Ashwagandha Beneficial for Killing Stomach Worms in Hind

  • पेट संबंधी रोगों से छुटकारा पाने के लिए असगंध के चूर्ण में बहेड़ा चूर्ण मिला लें और इसका सेवन देशी गुड़ के साथ करने से पेट संबंधी विकार दूर होते है और पेट में होने वाले कीड़े खत्म हो जाते है।
  • असगंध चूर्ण व गिलोय चूर्ण के मिश्रण में शहद मिलाकर खाने से पेट के कीड़े मर जाते है।
  • यह उपाय पेट को स्वस्थ रखता है।

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इम्युनिटी बढ़ाने व शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए –
To Increase or Boost Immunity and Remove Physical Weakness by Withania Somnifera in Hindi

  • अश्वगंधा चूर्ण में 100 ग्राम मिश्री डालकर गुनगुने दूध के साथ प्रतिदिन सेवन करने से शारीरिक दुर्बलता एवं वीर्य की कमी को खत्म करता है।
  • अश्वगंधा चूर्ण का प्रतिदिन सेवन करना लाभदायक होता है।
  • इसका लगातार 12 महीने तक सेवन करने से शरीर ताकतवर व निरोगी बनता है।

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बुखार में अश्वगंधा का प्रयोग –
Use of Withania Somnifera in Fever in Hindi

गिलोय के रस में अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर कर शहद के साथ सेवन करने से बुखार ठीक हो जाता है। गिलोय का सेवन बुखार में बहुत लाभकारी है।

 

कब्ज में असगंध के फायदे –
Benefits of Nausea in Constipation in Hindi

अश्वगंधा चूर्ण का हल्के गर्म पानी के साथ सेवन करने से कब्ज में आराम मिलता है।
 

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Aayushyamaan Bhav

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