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अक्सर देखा जाता है लोग मीठे नीम की पत्तियों को सब्जी से बाहर निकाल कर रख देते है या फेंक देते है, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। इन पत्तियों को सब्जी के साथ खा लेना चाहिए ये बहुत ही लाभकारी होती है। लोगो को यह लगता है कि मीठा नीम सब्जी में स्वाद बढ़ाने के काम आता है, जबकि इसके अनेक फायदे है और इसका औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसको खाने के बहुत ही फायदे है ( Curry Leaves Benefit in hindi ) जिनका वर्णन आगे दिया गया है।

मीठा नीम – एक परिचय
Introduction of Curry Leaves In Hindi

मीठे नीम (Curry Leaves Benefit) का पत्ता बहुत ही फायदेमंद होता है। अक्सर लोग इसे सब्जी को स्वादिष्ट बनने के लिए काम में लेते है। इसका पेड़ सामान्यतः 8 से 10 फिट ऊंचा होता है। कढ़ी पत्ता एक ऐसा पेड़ है जो अधिकांशतः सभी घरों में मिल जाता है और इस पेड़ को उगाना भी बहुत ही आसान है। मीठे नीम के पेड़ को गमले में या जमीन पर लगाने पर यह आसानी से लग जाता है और यह सभी प्रकार की मिट्टी में उग आता है। इस पेड़ को उगाना जितना आसान है उतना ही यह फायदेमंद भी होता है।इसकी पत्तियां हरे रंग की खुशबूदार होती है।

मीठे नीम में औषधीय गुण
Medicinal properties of sweet neem

मीठे नीम में औषधीय गुण होने के कारण यह अनेक बीमारियों में काम आता है। यह मधुमेह रोगी, मोटापा नियंत्रण करने में, कोलेस्ट्रॉल कम करने में, एनीमिया तथा त्वचा सम्बन्धी रोगों, हड्डियों को मजबूत करने में, फेफड़े,हृदय आदि रोगों में लाभदायक है। कढ़ी पत्ता में कैल्शियम, आइरन, विटामिन सी, जिंक जैसे खनिज तत्व होते है जो व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं।
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 Curry Leaves

गुणकारी कढ़ी पत्ते का उपयोग
Kadhi Patta ke Fayde in Hindi

भोजन के रूप में कढ़ी पत्ते का उपयोग –
Use of Curry Leaves as Food in Hindi

कढ़ी पत्ता या मीठा नीम सबसे ज्यादा भोजन बनाने में उपयोग में आता है। कढ़ी पत्ता नाम के अनुसार कढ़ी में सबसे ज्यादा डाला जाता है। इस मीठे नीम को कढ़ी के अलावा दाल, सांभर, चावल, बेसन गट्टे आदि सब्जी में अधिक डाला जाता है। इससे खाने के स्वाद में वृद्धि हो जाती है। खाना अधिक स्वादिष्ट बनता है।
इसलिए खाना बनाने में कढ़ी पत्ता या मीठे नीम का कम से कम 10-12 पत्तों का उपयोग किया जाना चाहिए।

एनीमिया रोग में कढ़ी पत्ते के फायदे –
Curry Leaves Benefit in Anemia Disease in Hindi

  • शरीर में आइरन की कमी होने के कारण खून की कमी हो जाती है। खून की कमी के कारण एनीमिया रोग हो सकता है। अतः आइरन की कमी को पूरा करने के लिए कढ़ी पत्तों का सेवन करना चाहिए क्योंकि कढ़ी पत्ते में काफी आइरन होता है।
  • आइरन की कमी को पूरा करने के लिए कढ़ी पत्तों के अलावा प्याज का भी सेवन करना चाहिए।
  • कढ़ी पती के साथ खजूर खाने से भी एनीमिया ठीक हो जाता है।
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मोटापा कम करने में फायदेमंद है कढ़ी पत्ता –
Curry Leaves are Beneficial in Reducing Obesity or Fat in Hindi

भोजन या सब्जी में डाला गया कढ़ी पत्ता चबा कर रोज खाने से मोटापा काम हो जाता है। कढ़ी पत्ते का प्रतिदिन सेवन अतिरिक्त फैट या वसा को कम करता है।

बाल झड़ना, सफेद होना व जड़ों को मजबूत करने में मीठे नीम के फायदे –
Sweet Neem Benefits in hair fall, Whitening and Strengthening of Roots in Hindi

  • काले एवं घने लंबे बालों के लिए कढ़ी पत्ते का सेवन करना चाहिए। खाने के अलावा मीठे नीम को पानी में अच्छे से उबाल कर पानी ठंडा कर ले इसके बाद इस पानी से बालों को धोना चाहिए। ऐसा 3-4 दिन में एक बार करना चाहिए।
  • दही में कढ़ी पत्ती को पेस्ट बनाकर भी बालों में लगा सकते है। यह बालों को काला, घना, लंबा, मजबूत बनाता है एवं डेंड्रफ से मुक्त करता है।

मधुमेह या डायबिटीज रोग में कढ़ी पत्ते के फायदे –
Curry Leaves Benefits in Diabetes in Hindi

डायबिटीज़ या मधुमेह रोगी के लिए कढ़ी पत्ता बेहद लाभकारी है। मधुमेह रोगी को कढ़ी पत्ता का प्रतिदिन सेवन करना चाहिए। मीठे नीम को प्रतिदिन खाली पेट चबाकर खाएं या कढ़ी पत्ता उबाल लें और गुनगुना पानी खाली पेट पिए जो मधुमेह रोगी को फायदा पहुंचाता है।

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आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए कढ़ी पत्ता –
Use of Curry Leaves to Increase Eyesight in Hindi

कढ़ी पत्ते में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए होता है जो आंखों के लिए लाभदायक होता है।
आंखों की कमजोरी वाले व्यक्ति को मीठे नीम का सेवन करना चाहिए।

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त्वचा संबंधी रोग में कढ़ी पत्ते के फायदे –
Benefits of Curry Leaves in Skin Diseases in Hindi

कढ़ी पत्ता त्वचा संबंधी रोगों जैसे कील, मुंहासे, काले धब्बे आदि में लाभदायक है। इसके लिए कढ़ी पत्तों को दही में पीस ले और इसके बाद इस घोल में मुल्तानी मिट्टी, नारियल तेल, एक चुटकी हल्दी व गुलाब जल मिलाकर कर इसका एक पेस्ट बना ले। इस फेस पैक को अपने चेहरे में लगा ले और 10-15 मिनिट बाद सूख जाने पर चेहरा गुनगुने पानी से धो ले। इससे चेहरा या त्वचा सम्बन्धी शिकायत दूर हो जाती है।

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